भ्रष्टाचार पर कसा शिकंजा: राजस्थान में आईपीएस अफसर गिरफ्तार, कर्नाटक में सात पर गिरी गाज

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राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आईपीएस अधिकारी को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया है। वहीं दूसरी ओर कर्नाटक में भी 30 स्थानों पर सात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की गई है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंगलवार को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी मनीष अग्रवाल को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया। ब्यूरो के महानिदेशक बीएल सोनी ने बताया कि भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी मनीष अग्रवाल को भ्रष्टाचार के एक मामले में अनुसंधान अधिकारी ने भ्रष्टचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है। ब्यूरो ने पिछले माह दौसा में एक पेट्रोल पंप मालिक नीरज मीणा को गिरफ्तार किया था जिसने दौसा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मनीष अग्रवाल के नाम से राजमार्ग बनाने वाली निर्माण कंपनी से कथित रूप से जबरदस्ती वसूली की थी। ब्यूरो ने मीणा के साथ-साथ दो आरएएस (राजस्थान प्रशासनिक सेवा) के अधिकारियो को उसी कंपनी से रिश्वत लेने के मामले में 13 जनवरी को गिरफ्तार किया था। आईपीएस अधिकारी की संलिप्तता की जांच के बाद ब्यूरो ने मंगलवार को अधिकारी को गिरफ्तार किया है। 2010 के आईपीएस अधिकारी वर्तमान में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल में कंमाडेंट के रूप में जयपुर में तैनात हैं।

कर्नाटक : सात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई
कर्नाटक में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा 30 स्थानों पर सात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापेमारी कर भारी अचल संपत्ति में निवेश के अलावा अधिक मात्रा में नकदी और सोना बरामद किया गया। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, बंगलूरू, बल्लारी, कोलार, धारवाड़, दक्षिण कन्नड़, चित्रदुर्गा और कलबुर्गी में आय से अधिक संपत्ति के मामले दर्ज किए गए और बाद में पुलिस अधीक्षकों की देखरेख में तलाशी ली गई।

जिन अधिकारियों के घरों पर छापा मारा गया उनमें देवराज कल्लेश, पांडुरंग गराग, जयराज के वी, डॉ. एसएन विजय कुमार, डॉ. श्रीनिवास, चन्नाबसप्पा अवाट और श्रीनिवास शामिल हैं। एसीबी के एक अधिकारी के मुताबिक, एक अधिकारी ने कलबुर्गी में फ्लैटों में बेहद निवेश किया था और उसके पास 23 एकड़ जमीन का मालिकाना हक था, जिसे हाल ही में खरीदा गया था।

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